सोमवार, 21 जून 2010

नवनाथ मन्त्र प्रयोग

“ॐ नमो आदेश गुरु को ॐकारे आदि-नाथ उदय-नाथ पार्वती सत्य-नाथ ब्रह्मा सन्तोष-नाथ विष्णु अचल अचम्भे-नाथ गज-बेली गज-कन्थडिनाथ ज्ञान-पारखी सिद्ध चौरङ्गीनाथ। माया-स्वरूपी दादा मत्स्येन्द्रनाथ घटे पिंडे निरंतर सत्य श्री शम्भू जति गुरु गोरक्षनाथ जी को आदेश आदेश |”

विधिः- पूर्णमासी से जप प्रारम्भ करे। जप के पूर्व चावल की नौ ढेरियाँ बनाकर उन पर ९ सुपारियाँ मौली बाँधकर नवनाथों के प्रतीक-रुप में रखकर उनका षोडशोपचार-पूजन करे। फिर मन्त्र-जप करे। प्रतिदिन नियत समय और निश्चित संख्या में जप करे। ब्रह्मचर्य से रहे, अन्य के हाथों का भोजन या अन्य खाद्य-वस्तुएँ ग्रहण न करे। स्वपाकी रहे। इस साधना से नवनाथों की कृपा से साधक धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष को प्राप्त करने में समर्थ हो जाता है। उनकी कृपा से ऐहिक और पारलौकिक-सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
विशेषः- इस मन्त्र को यदि ९ हजार या ९ लाख की संख्या में जप लें, तो परम-सिद्धि मिलती है और नौ-नाथ प्रत्यक्ष दर्शन देकर अभीष्ट वरदान देते हैं।

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