सोमवार, 13 दिसंबर 2021

सनातन हिन्दू धर्म में अहिंसा का कही वर्णन नहीं है हिन्दू धर्म में " सठे साठयम समाचरेत " है

 माननीय राहुल गाँधी जी ने कहा की हिन्दू अहिंसावादी होता है ये उनका अज्ञान है | अहिंसा की अवधारणा बुद्ध और जैन अवतार के बाद सृजित हुई है | हमारे सनातन हिन्दू धर्म के आदर्श भगवान राम, कृष्ण, शिव और माँ दुर्गा हैं | जिन्होंने हमेशा आततायिओं को दंड दिया है | हमारा धर्म दुष्ट को दंड देने को कहता है | कायर नहीं बनाता | भगवान राम ने रावण को उसके कुकर्म के कारण उसके समस्त कुल परिवार सहित मार दिया था | भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कहा की कायरता छोड़कर युद्ध करो और हार जीत की परवाह मत करो | अन्यायी को दंड दो | यही हमारे सनातन धर्म की सीख है | यही हमारा आदर्श है |

अतः माननीय राहुल गाँधी उर्फ़ पप्पू जी भगवान बुद्ध और भगवान महावीर जैन के ज्ञान को हिन्दू धर्म में न मिलाये | हमारे सनातन हिन्दू धर्म में अहिंसा का कही वर्णन नहीं है | हमारे यहाँ कहा गया है " सठे साठयम समाचरेत " अर्थात जो आपके साथ जैसा वयव्हार करे आप उसको वैसा ही जवाब दो | दुष्ट को दुष्टता का दंड दो | दुष्ट को क्षमा करना सनातन धर्म में नहीं है |
बुद्ध और जैन धर्म की अहिंसा अहिंसा करते रहने से ही महात्मा गाँधी और नेहरू ने कायरता की मानसिकता को बढावा दिया जिससे की भारत पिछले 70 वर्षो में एक कायर देश के रूप में प्रसिद्द हो चूका था |
अब ये नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ नामक हिन्दू महानायक लोगो को उस कायरतापूर्ण मानसिकता से निकालने का काम कर रहें है | पर ये राहुल नामक पप्पू खुद भी कायर है और कायरता को बढ़ावा दे रहा है |
सुधि जन विचार करेंगे |

रविवार, 18 अप्रैल 2021

श्री गुरुदेव दत्तात्रेय मन्त्र पुष्पांजलि

 श्री गुरुदेव दत्त अवधूत मारग सिद्ध चौरासी तपस्या करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।धृ.।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

बिछी है जाजम लगा है तकिया नाम निरंजन स्वामी वे जपें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।1।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

पीर होकर गद्दी जो बैठे तजि तुरंगाहस्ति वे चढें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।2।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

पंडित होकर वेद जो बांचे धन्धा उपाधि से न्यारा रहे ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।3।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

ऋशि जो मुनि गुरु दूधा जो धारी उर्ध्व बाहू तपस्या करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।4।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

रुखड़ सुखड़ धूप जो खेवे नागा सन्यासि तपस्या करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।5।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

कोई है लाखी गुरु कोई है खाकी बनखंडी वन में तपस्या करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवषंकर कैलाष में ध्यान करें ।।6।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

आबू जी गढ गिरनार वासा महोरगढ भिक्षा करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।7।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

जपत ब्रम्हा गुरु रटत विश्णु आदि देव महेष्वरम ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।8।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

दशनाम भेष गुरु जीवन सन्यासि सर्वदेव रक्षा करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।9।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

देव भारत देव लीला दोउ कर जोडे स्तुति करें ।

श्री भेशकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।10।। हरिः ॐ गुरुजी ।।

चन्दा जो सूरज नौ लख तारे गुरुजी तुम्हारी परिक्रमा करें ।

श्री भेषकीयो शम्भु टेक कारण गुरुजी शिखर पर जप करें ।।

श्री गुरुदत्तात्रेय गिरनार पर जप करें अलखजी माहोरगढ राज करें ।

श्री शिवशंकर कैलाष में ध्यान करें ।।11।।

हरिः ॐ गुरुजी ।।

हरिः ॐ गुरुजी ।।