शुक्रवार, 19 जून 2015

शीघ्र विवाह के लिए सरल उपाय

शीघ्र विवाह के लिए सरल उपाय ...


कई बार शादी में बिना बात रुकावट आ जाती है , रिश्तेदारों का भाग भाग कर बुरा हाल हो जाता है लेकिन 

फिर भी रिश्ता पक्का नहीं होता है आइये जानते है इससे कैसे बचे ..

सर्व प्रथम तो किसी ज्योतिषी से पत्रिका जरुर दिखाए की शादी का योग चल भी रहा है या नहीं , कई बार 

विवाह का योग होने पर भी ग्रहों के कारन या मांगलिक दोष के कारन विवाह में बाधा आती है तो इसका उपाय 

कराये किसी विद्वान के माध्यम से ग्रहों की शांति कराये ,


जन्म पत्रिका में कन्या की शादी के लिए गुरु और वर की शादी के लिए शुक्र ग्रह कारक होता है , 


सरल उपाय :-


१:- जिस कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा है तो वो प्रत्येक गुरूवार को नहाने से पहले बाल्टी में एक चुटकी 

हल्दी डालकर स्नान करे और नहाने के बाद हल्दी ,केसर को गंगा जल में घोलकर माथे और नाभि में टिका 

(तिलक ) करे 


२:-गुरु का स्थान कुंडली में बड़े बुजुर्गों को दिया गया है इसलिए भूलकर भी बजुर्गों का अपमान न करें उनकी 

सेवा करे और उनका पैर छुकर आशीर्वाद लीजिये जल्द ही हाँथ पीले हो जायेगे ..


३:- गुरूवार को केले के वृक्ष की पूजा करे .


४. किसी धर्म स्थान या माता के मंदिर में जाकर इस मन्त्र का १ बार जाप करे और माँ की मूर्ति के आगे १ 

जल भरा नारियल लाल रंग की चुनरी में लपेटकर भेट अर्पित करे .

“कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।नन्दगोप सुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः।।”


अब बारी है वर की .. उनके लिए ये सरल उपाय 


१. ९ वर्ष तक की कन्याओं की सेवा करे ,


२. गाय को या गौशाला में हरा चारा दान करे 


३. किसी धर्म स्थान या माता के मंदिर में जाकर इस मन्त्र का १ बार जाप करे और माँ की मूर्ति के आगे १ 

जल भरा नारियल लाल रंग की चुनरी में लपेटकर भेट अर्पित करे .

“ॐ पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।


तारिणीं दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम्।।”


टोटका :- कुम्हार अपने चाक को जिस डंडे से घुमाता है, उसे किसी तरह किसी को बिना बताए प्राप्त कर लें। 

इसके बाद घर के किसी कोने को रंग-रोगन कर साफ कर लें। इस स्थान पर उस डंडे को लंहगा-चुनरी व सुहाग 

का अन्य सामग्री से सजाकर दुल्हन का स्वरूप देकर एक कोने में खड़ करके गुड़ और चावलों से इसकी पूजा 

करें। इस टोटके से लड़के का विवाह शीघ्र ही हो जाता है। यदि चालीस दिनों में इच्छा पूरी न हो तो फिर यही 

प्रक्रिया दोहराएं(डंडा प्राप्त करने से लेकर पूजा तक)। यह प्रक्रिया सात बार कर सकते हैं।

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